Hindi Poem on love and Peace

This poem was written on 21st June, 2014. Though my intention was to spread the message of love and peace between the sub-continental neighbors but the poem is valid for the whole world. The world is seeing so many wars these days and I think being a writer I’m playing my part to bring peace and harmony.

नया सवेरा

 

नई जगह , नया सवेरा है यह

कुछ अंजना , कुछ  पहचाना सा है यह

 

लोग बदल से जाते है

पर एह्सास वही रह  जाता है

 

कुछ अनजाने लोगो में

हमे अपनापन सा मिल जाता  है

 

यह पेड़-पौधे, नदी समुन्दर

हमेशा प्यार के गीत सुनाते  है

 

क्या तुम नहीं कर सकते कुछ बाते ?

जो दिलों को जोड़ कर जाते है

 

सुबह – सुबह जब चिड़िया गाती है

तो प्यार का सन्देश सुनाती है

 

इंद्र धनुष के सात रंग भी

मोहब्बत का पैग़ाम दे जाती है

 

आओ मिल जाये हम साथ

नए दिनों की करें हम बात

 

चलो मिलाओ हाथो से हाथ

मिलकर झेले हम यह काली रात

 

फिर नया सवेरा आएगा

प्यार दिलो में लाएगा

 

साड़ी दुनिया होगी एक साथ

करेगी अमन और शांति की बात !!!

 

By Gaurab Mukherjee

 

It is hard to be a writer or a poet these days and even harder if you write in languages other than English. I would request you to leave your comments if you like it, I will consider it as my reward. :) :D

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